अब्दुल अल-सैयद मिशिगन सीनेट चुनाव जीते, बने पहले मुस्लिम सीनेटर
डेमोक्रेट अब्दुल अल-सैयद ने इस्लामोफोबिक अभियान के बीच मिशिगन में माइक रॉजर्स को हराया और अमेरिकी सीनेट में चुने जाने वाले पहले मुस्लिम बने।

डेट्रॉइट — अब्दुल अल-सैयद ने मिशिगन की अमेरिकी सीनेट सीट जीत ली है। उन्होंने रिपब्लिकन माइक रॉजर्स को हराकर कांग्रेस के उच्च सदन में चुने जाने वाले पहले मुस्लिम बनने का इतिहास रचा है। यह जीत ऐसे अभियान के बाद आई है, जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके सहयोगी बार-बार उनके धर्म और नाम को निशाना बनाते रहे। 42 वर्षीय डॉक्टर और प्रगतिशील नेता ने बुधवार तड़के डेट्रॉइट में जीत की घोषणा की और भीड़ से कहा, "आपने सबसे अप्रत्याशित उम्मीदवार पर दांव लगाया।"
इस नतीजे से रिटायर हो रहे डेमोक्रेट गैरी पीटर्स की सीट बरकरार रही है और पार्टी का नया सीनेट बहुमत और मज़बूत हुआ है। द गार्डियन की रिपोर्ट के अनुसार पार्टी ने टेक्सास, कैनसस और दक्षिण कैरोलाइना में भी सीटें जीतीं। यह मध्यावधि चुनावों में व्यापक जीत का हिस्सा है, जिसने डेमोक्रेट्स को कांग्रेस का नियंत्रण सौंप दिया है।
अल-सैयद ने खुले तौर पर वामपंथी आर्थिक एजेंडे पर चुनाव लड़ा: सरकार द्वारा वित्तपोषित सार्वभौमिक स्वास्थ्य सेवा, राजनीति से पैसे का प्रभाव हटाना और मिशिगन के परिवारों को दबा रही महंगाई से निपटना। मतदान से एक दिन पहले उन्होंने मतदाताओं से कहा, "आपको बिना भारी बिल के डॉक्टर को दिखाने में सक्षम होना चाहिए," और उन्होंने जिसे अरबों डॉलर की मुनाफाखोर चिकित्सा व्यवस्था कहा, उसे पलटने का वादा किया। अल जज़ीरा से डेट्रॉइट में बात करने वाले मतदाताओं ने ईरान युद्ध से बढ़े पेट्रोल के दाम, किराने का खर्च और आप्रवासन छापों को अपनी सबसे बड़ी चिंता बताया।
यह चुनाव इस चक्र के सबसे कड़वे मुकाबलों में से एक रहा। ट्रंप ने अल-सैयद को "जिहादी" कहा और द गार्डियन के अनुसार उनका दावा था कि सीनेट में प्रवेश के लिए उन्हें मेटल डिटेक्टर से गुज़रना होगा। अल जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकन इज़राइल पब्लिक अफेयर्स कमेटी ने डेमोक्रेटिक प्राइमरी में उनके खिलाफ 30 मिलियन डॉलर से अधिक खर्च किए। अल-सैयद गाज़ा में इज़राइल के युद्ध के मुखर आलोचक हैं। अभियान के आखिरी दिनों में उनकी पूर्व प्राइमरी प्रतिद्वंद्वी, कांग्रेस सदस्य हेली स्टीवन्स ने रॉजर्स का समर्थन किया।
अरब अमेरिका की राजधानी के रूप में जाने जाने वाले डेट्रॉइट के उपनगर डियरबॉर्न में मतदाताओं ने बड़ी संख्या में मतदान किया। अरब अमेरिकन इंस्टिट्यूट की मया बेरी ने अल जज़ीरा से कहा कि मतदाताओं ने जिस बिगोट्री को ठुकराया है, वह अब्दुल या ज़ैनब जैसे नाम के साथ बड़े हो रहे हर बच्चे के लिए मायने रखता है। शुरुआती नतीजों से पता चला कि अरब-अश्वेत तनाव भुनाने की रिपब्लिकन कोशिशों के बावजूद अल-सैयद ने डेट्रॉइट के अश्वेत मतदाताओं में भी मज़बूत प्रदर्शन किया।
द हिंदू के अनुसार, 1969 के बाद वह सीनेट में पहले डेमोक्रेटिक डॉक्टर होंगे। वह 3 जनवरी को शपथ लेंगे। यह पहला संकेत होगा कि ऐसे सदन में, जहाँ अब डेमोक्रेट्स के पास नियंत्रण है, उनका स्वास्थ्य एजेंडा टिक पाता है या नहीं।
स्रोत
यह लेख इन रिपोर्टों पर आधारित है:
- Al Jazeera ‘Rejecting hate’: Abdul El-Sayed wins Senate seat despite racist attacks | US Midterm Elections 2026 News | Al JazeeraplayShow navigation menuplaysearchcaret-leftcaret-rightListenshare-nodesfacebookxwhatsapp-strokecopylinkgoogleinfoaj-logoaj-logoaj-logofacebooktwitteryoutubeinstagram-colored-outlinerssblueskytiktok-colored-outline
- The Guardian Progressive Abdul El-Sayed wins Michigan Senate race to become first Muslim US senator | US midterm elections 2026
- The Hindu Democrat Abdul El-Sayed claims victory in Michigan Senate battle


