परमाणु मुद्दा फिर सामने, ईरान क़तरी प्रस्तावों पर विचार में
तेहरान एक क़तरी पुल-योजना पर विचार कर रहा है, जिससे होर्मुज़ जलडमरूमध्य फिर खुल सकता है और पहली बार उसका यूरेनियम भंडार मेज़ पर आ सकता है।

वाशिंगटन — ईरान उन प्रस्तावों पर विचार कर रहा है जो मुख्य मध्यस्थ कतर ने रखे हैं और जिनके तहत उसका परमाणु कार्यक्रम युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार अमेरिका के साथ वार्ता में शामिल होगा, दोनों देशों के अधिकारियों ने शुक्रवार को कहा। इस बदलाव से उस संघर्ष को खत्म करने की बातचीत में सफलता की संभावना बनी है जो अब 8 महीने से अधिक पुराना हो चुका है, और जून में हुए अंतरिम शांति समझौते के टूटने के बाद से ये वार्ताएं ठप पड़ी हैं।
क्षेत्रीय अधिकारियों के हवाले से द हिंदू ने बताया कि कतरी योजना 2 दिनों के विश्वास-निर्माण उपायों पर टिकी एक पुल-समझौता है। पहले चरण में अमेरिका ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी हटाएगा और ईरान की अरबों डॉलर की जमी हुई कुछ संपत्ति जारी करेगा; बदले में तेहरान अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के निरीक्षकों को उन ठिकानों तक जाने देगा जिन्हें अमेरिका और इज़राइल ने बमों से निशाना बनाया था। दूसरे चरण में ईरान ओमान के साथ हुए संशोधित समझौते के तहत होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर खोलेगा, जिसे वॉशिंगटन ने अभी मंज़ूरी नहीं दी है। केवल इसके बाद ही दोनों पक्ष ईरान के अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम भंडार पर विस्तृत वार्ता शुरू करेंगे।
एक अधिकारी ने चेताया कि जब तक वॉशिंगटन उसकी मूल शर्तें नहीं मानता, तब तक ईरान अपनी परमाणु गतिविधियों पर बातचीत के लिए तैयार नहीं है। ये शर्तें हैं: नाकेबंदी खत्म करना, प्रतिबंध हटाना, संपत्ति मुक्त करना, युद्ध से हुए नुकसान का मुआवज़ा देना, और लेबनान में इज़राइली अभियानों सहित पूरे क्षेत्र में सैन्य कार्रवाइयां रोकना। राष्ट्रपति ट्रंप ने अतीत में इन मांगों को ठुकराया है। शुक्रवार को उन्होंने पत्रकारों से कहा: “हम ईरान से बात कर रहे हैं। हम बात कर रहे हैं।” व्हाइट हाउस ने कतरी प्रस्तावों पर टिप्पणी से इनकार किया।
यह कदम ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को मंगलवार के मध्यावधि चुनावों में मिली भारी हार के कुछ ही दिनों बाद आया है; इस नतीजे में युद्ध को संभालने के तरीके और उससे वैश्विक अर्थव्यवस्था में बढ़ी ईंधन कीमतों पर मतदाताओं के गुस्से का भी हाथ रहा। वार्ता से परिचित एक राजनयिक ने द जापान टाइम्स को बताया कि परमाणु मुद्दे पर कोई भी रियायत, जो अब तक मेज़ से बाहर थी, एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
“हमें कभी संपूर्ण शांति समझौता नहीं मिलेगा, लेकिन आप उस परफेक्ट पल का इंतज़ार नहीं कर सकते” — अच्छा सौदा हासिल करने की कीमत पर भी नहीं, कतर के प्रधानमंत्री शेख़ मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल थानी ने शुक्रवार को ऑक्सफ़ोर्ड विश्वविद्यालय में एक साक्षात्कार में कहा।
दांव तकनीकी भी हैं और राजनीतिक भी। IAEA के अनुसार ईरान के पास 60% तक शुद्ध किए गए 440.9 किलोग्राम यूरेनियम हैं, जो हथियार-ग्रेड माने जाने वाले 90% से बस एक कदम दूर है। तेहरान लंबे समय से कहता रहा है कि उसका कार्यक्रम शांतिपूर्ण है। इस बीच हिंसा जारी है: ईरानी सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने बताया कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य में क़ेशम द्वीप पर 2 मिसाइलें गिरीं, जबकि अर्ध-सरकारी आउटलेट्स के अनुसार कोई हताहत नहीं हुआ, अल जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार।
फिलहाल दोनों पक्ष कतरी प्रस्ताव पर तेहरान के जवाब का इंतज़ार कर रहे हैं। यदि ईरान इसे स्वीकार करता है, तो निरीक्षक कुछ ही दिनों में बमबारी से प्रभावित ठिकानों पर लौट सकते हैं, और एक अस्थायी व्यवस्था के तहत टैंकर फिर से जलडमरूमध्य से गुजरने लगेंगे। खाड़ी देश और ईंधन बाज़ार एक ही संकेत पर नज़र रखे हुए हैं: क्या यह पुल-समझौता इतना लंबा चल पाएगा कि कठिन वार्ताएं शुरू हो सकें।
स्रोत
यह लेख इन रिपोर्टों पर आधारित है:
- The Hindu Iran reviewing proposals on Tehran’s nuclear programme: Officials
- The Japan Times U.S. and Iran edge closer to deal with nuclear issue back in play
- Al Jazeera Iran war live: Qatar says US, Iran should not wait to reach a peace deal | US-Israel war on Iran News | Al JazeeraplayShow navigation menuplaysearchcaret-leftcaret-rightblinking-dotshare-nodesfacebookxwhatsapp-strokecopylinkgoogleinfofacebooktwitteryoutubeinstagram-colored-outlinerssblueskytiktok-colored-outline


