सोमालिया: मुख्य न्यायाधीश की गिरफ़्तारी का आरोप
सोमालिया के विपक्ष का कहना है कि राष्ट्रपति हसन शेख़ महमूद का कार्यकाल बढ़ाना अवैध ठहराए जाने के बाद सेना सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की ओर बढ़ी।

मोगादिशु — सोमालिया का राजनीतिक संकट गुरुवार को और गहरा गया, जब विपक्ष ने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति हसन शेख़ महमूद ने सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को गिरफ़्तार करने के लिए सैनिक भेजे। यह आरोप उस समय सामने आया जब कुछ ही घंटे पहले अदालत ने राष्ट्रपति के कार्यकाल के विस्तार को "अवैध" घोषित किया था, जैसा जापान टाइम्स ने रिपोर्ट किया।
यह दावा विपक्ष की ओर से किया गया है और रिपोर्ट में इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से इस पर कोई प्रतिक्रिया उद्धृत नहीं की गई है। फिर भी, केवल आरोप के रूप में भी यह बात ऐसी राजधानी में पहुँची है जो पहले से तनाव में है। सोमालिया में राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता बार-बार हिंसक झड़पों में बदल चुकी है, और राष्ट्रपति व उनके विरोधियों के बीच भरोसा बहुत कमज़ोर है।
यह गतिरोध महमूद के कार्यकाल की लंबाई पर टिका है। रिपोर्ट में जापान टाइम्स के हवाले से बताया गया है कि कार्यकाल विस्तार के ख़िलाफ़ सर्वोच्च न्यायालय का फ़ैसला ही कथित तौर पर मुख्य न्यायाधीश के विरुद्ध की गई कार्रवाई से पहले आया था। अदालत किसके नियंत्रण में है, और क्या वह अपने आदेश को लागू करवा सकती है, अब यही सवाल इस संकट के केंद्र में है।
एक ऐसे समय में जब सरकार एक और मोर्चे पर लड़ रही है, यह समय उसके लिए अच्छा नहीं है। ताक़तवर इस्लामी उग्रवादी संगठन अल-शबाब के ख़िलाफ़ मोगादिशु के अभियान को मिलने वाला अंतरराष्ट्रीय समर्थन घटता दिख रहा है, जबकि देश के बड़े हिस्से में उग्रवादी अब भी गंभीर ख़तरा बने हुए हैं। राष्ट्रपति, विपक्ष और न्यायपालिका के बीच लंबा टकराव सरकार की बची-खुची राजनीतिक पूंजी को भी खत्म कर सकता है।
महमूद ने अपनी छवि सुधारवादी नेता के रूप में बनाई है। उन्होंने सोमालिया को पूरी तरह लोकतांत्रिक चुनावों की ओर ले जाने पर ज़ोर दिया है, जिससे उस कुल-आधारित व्यवस्था को बदला जा सके जिसमें बुज़ुर्ग देश के प्रतिनिधियों का चुनाव करते हैं। पूरे क्षेत्र में कार्यकाल विस्तार के आलोचक लंबे समय से कहते आए हैं कि इससे यही वादा खोखला हो जाता है, और अदालत का "अवैध" फ़ैसला अब इसी तर्क को सोमाली राजनीति के केंद्र में ले आया है।
सोमालियाई लोगों के लिए तात्कालिक सवाल ठोस हैं। वे जानना चाहते हैं कि मुख्य न्यायाधीश का क्या हुआ और क्या गिरफ़्तारी का आरोप सही साबित होता है। वे राष्ट्रपति को अपने आरोपकर्ताओं का जवाब देते हुए सुनना चाहते हैं, और यह देखना चाहते हैं कि कार्यकाल विस्तार पर अदालत के फ़ैसले का सम्मान होगा या देश उन झड़पों की ओर और फिसलेगा जो पहले से ही उसकी प्रतिद्वंद्विताओं से जन्म ले चुकी हैं।
स्रोत
यह लेख इन रिपोर्टों पर आधारित है:
- The Japan Times Chaos in Somalia as president accused of arresting chief justice


