होर्मुज़ में सात जहाज़ पर हमले का ईरानी दावा, अमेरिका को चेतावनी
तेहरान का दावा है कि युद्ध शुरू होने के बाद जलडमरूमध्य में एक दिन में यह सबसे बड़ी संख्या है; एक क्षतिग्रस्त टैंकर से रिसा तेल यूएई के समुद्र तटों तक फैल गया है।

तेहरान — ईरान का कहना है कि बीती रात होर्मुज़ जलडमरूमध्य में सात तेल टैंकरों पर हमला किया गया। अल जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार, 28 फ़रवरी को अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के ख़िलाफ़ युद्ध शुरू होने के बाद यह इस जलमार्ग में एक दिन में हुई सबसे बड़ी घटना है। तेहरान ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर वाशिंगटन जलडमरूमध्य के अन्य हिस्सों में टैंकरों के आवागमन में मदद करता है, तो वह पूरे मध्य पूर्व में अमेरिकी ठिकानों पर हमला कर सकता है।
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने कहा कि इनमें से चार जहाज़ तेल स्थानांतरित कर रहे थे, जब उन्हें निशाना बनाया गया और उनमें आग लग गई; बाकी तीन जहाज़ सुरंगों से टकराकर निष्क्रिय हो गए। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है, और हताहतों या टैंकरों के झंडों के बारे में कोई विवरण नहीं दिया गया।
वाशिंगटन ने इन दावों को खारिज किया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले तेल की कीमतें बढ़ाने के लिए हमलों की कहानी गढ़ रहा है। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर लिखा, “वे फ़र्ज़ी हमले, सुरंगें और बाकी सब कुछ गढ़ रहे हैं”। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के एक प्रवक्ता ने, जिनका नाम नहीं बताया गया, अल जज़ीरा से बात करते हुए सुरंगों के दावों को गलत बताया और कहा कि अमेरिकी बलों ने जहाज़ी मार्ग साफ़ कर दिए हैं और 95 प्रतिशत जहाज़ सुरक्षित गुज़र रहे हैं।
इस युद्ध की पर्यावरणीय कीमत अभी से मापी जा सकती है। बीबीसी न्यूज़ द्वारा देखी गई सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि 9 अक्टूबर को क्षतिग्रस्त हुए पनामा-पंजीकृत टैंकर Gem No.2 से निकली तेल की परत बुधवार तक 35 किलोमीटर से अधिक फैल चुकी थी, जिससे उम्म अल क़ुवैन के पास के समुद्र तट बंद करने पड़े। यूरोन्यूज़ ने रिपोर्ट किया। सभी 22 भारतीय चालक दल सदस्यों को बचा लिया गया। शोधकर्ताओं ने बीबीसी को बताया कि नुकसान अभी इतना अनिश्चित है कि उसकी मात्रा तय नहीं की जा सकती, लेकिन तेल की परत सिनियाह और ख़ोर अल बैदाह की ओर बह रही है। ख़ोर अल बैदाह एक प्रमुख जैव-विविधता क्षेत्र है, जहाँ हरे कछुए और गंभीर रूप से संकटग्रस्त हलावी गिटारफ़िश रहते हैं।
युद्ध से पहले दुनिया का एक-पाँचवाँ तेल इसी जलडमरूमध्य से गुज़रता था। ईरान इस पर पूर्ण नियंत्रण का दावा करता है और कहता है कि बिना अनुमति गुज़रने वाले जहाज़ों पर वह हमला करता है। अमेरिका बढ़ती संख्या में जहाज़ों को इससे सुरक्षित निकाल रहा है, और खाड़ी देश एक व्यापक संघर्ष के लिए तैयारी कर रहे हैं।
आगे क्या होगा, यह समुद्र में जितना तय होगा, उतना ही वाशिंगटन में भी। अल जज़ीरा द्वारा उद्धृत एक सर्वेक्षण दिखाता है कि अधिकांश अमेरिकी और युद्ध पर खर्च के विरोध में हैं। नवंबर की शुरुआत में होने वाले मध्यावधि चुनाव अब हर फ़ैसले की दिशा तय कर रहे हैं। अमेरिका अगर टैंकरों की एस्कॉर्ट बढ़ाने की कोई कदम उठाता है, तो वह तेहरान की चेतावनी की परीक्षा होगी, जबकि यूएई का नियंत्रण अभियान आने वाले दिनों में रिसाव के फैलाव का पहला ठोस पैमाना देगा।
स्रोत
यह लेख इन रिपोर्टों पर आधारित है:
- Al Jazeera Iran says seven ships hit in Hormuz Strait, warns US of wider response | US-Israel war on Iran News | Al JazeeraplayShow navigation menuplaysearchcaret-leftcaret-rightListenshare-nodesfacebookxwhatsapp-strokecopylinkgoogleinfoaj-logoaj-logoaj-logofacebooktwitteryoutubeinstagram-colored-outlinerssblueskytiktok-colored-outline
- BBC News Oil spill washes up on UAE beaches after tanker strike
- Euronews Oil spill hits UAE beaches as tanker attacks multiply near Hormuz | EuronewsNewsletterEventsLoaderNewsletterEventsLoaderSearch


